Sunday, December 23, 2018

Home Rule League - Bal Gangadhar Tilak, Annie Besant in hindi

Home Rule League - 

         विश्व युद्ध की घोषणा से देश में राजनीतिक परिवर्तन तो हुआ। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने जर्मनी की हार को संसार भर का जनतंत्रबाद की रक्षा का सूत्र माना तथा इस घोषणा का प्रभाव भारत के । राजनेताओं पर भी पड़ा उदारवादी लोगों ने एक आशा के साथ तन मन धन से युद्ध में मदद की।

एनी बेसेंट 1914 के मद्रास अधिवेशन में पधारी थी । उन्होंने भी अपने शब्दों में कहा था कि भारत साम्राज्यवाद शिशु गृह में एक शिशु की भांति नहीं रहना चाहता है और ना वह आंसुओं के बदले स्वतंत्रता की विनती करता है। वह एक राष्ट्र होने के नाते न्याय चाहता है और स्वतंत्रता को अपना जन्मसिद्ध अधिकार चाहता है।

एनी बेसेंट 1913 में जब इंग्लैंड गई थी तब आयरलैंड के होम रूल लीग ने उन्हें सुझाव दिया था कि भारत की आजादी के लिए भी इसी तरह का आंदोलन करें। एनी बेसेंट के होम रूल लीग और तिलक के स्वराज जन्मसिद्ध अधिकार की भावना ने राष्ट्रवादीयों को आकर्षित किया । इसका परिणाम होमरूल आंदोलन था एनी बेसेंट ने इंग्लैंड की अपनी यात्रा में ब्रिटिश पार्लियामेंट में इंडियन होम रूल लीग पार्टी की स्थापना की कोशिश की थी पर सफलता नहीं मिली थी।

उन्होंने लंदन में भी होमरूल लीग की स्थापना की साप्ताहिक पत्र कामनवील तथा 6 महीने के बाद न्यू इंडिया पत्र प्रकाशित किया।



होम रूल लीग से संबंधित प्रश्न-




Q. 1- होमरूल लीग आंदोलन सबसे पहले किसने प्रारंभ किया था?


Q. 2- 'कामन वील' नामक पत्र का संपादन किसने किया था?

Q. 3- एनी बेसेंट द्वारा संपादित पत्र न्यू इंडिया कब प्रकाशित किया गया था?


Q. 4- बाल गंगाधर तिलक द्वारा होम रूल लीग कब प्रारंभ किया गया था?


Q. 5- एनी बेसेंट को होम भारत में होमरूल लीग प्रारंभ करने की का सुझाव किसने दिया था?


Q. 6- होम रूल लीग के दौरान बाल गंगाधर तिलक द्वारा प्रकाशित किए गए तो पत्र कौन से थे?




यह भी जानकारी होम रूल लीग से संबंधित अगर आपको इसमें कुछ गलत है या अधूरा लगता है तो आप कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं अपने सुझाव दे सकते हैं।

ऊपर दिये गए प्रश्नों का उत्तर आप कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं । ऊपर दिये गए गदयांश को पढ़कर उत्तर दीजिये । 
Previous Post
Next Post
Related Posts

0 comments: