Wednesday, December 12, 2018

Cripps Mission : क्रिप्स मिशन

Cripps Mission : क्रिप्स मिशन - 


                          भारत के इतिहास में Cripps Mission : क्रिप्स मिशन एक महत्वपूर्ण घटना हैं । यहाँ क्रिप्स मिशन से संबन्धित जानकारी दी गयी है । 


                          वायसराय ने अपनी कार्यकारिणी में विस्तार करने के लिए कुछ अंग्रेजों और कुछ भारतीयों को शामिल किया । द्वितीय विश्व युद्ध में अपनी बिगड़ती स्थिति को देख अंग्रेज बौखला गए और युद्ध में अपनी स्थिति मजबूत करने के भारतीयों का सहयोग प्राप्त करने की कोशिश करने लगे ।

                          द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीयों का सहयोग प्राप्त करने के लिए  23 मार्च 1942 को  स्टेफोर्ड क्रिप्स को भारत भेजा गया । स्टेफोर्ड क्रिप्स लगभग बीस दिन तक भारत में रहा । द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्र इंग्लैंड पर दवाब डाल रहे थे कि भारत के साथ सहानुभूति पूर्ण व्यवहार किया जाय ।

                           क्रिप्स मिशन 20 दिन तक भारत में रहा और भारत के विभिन्न दलों नेताओं और देशी रियासति राजाओं से मिला । क्रिप्स मिशन ने कई तरह के प्रस्ताव रखे जैसे - औपनिवेशिक स्वराज्य की स्थापना , संविधान सभा का गठन, अलसंख्यकों की रक्षा , भारत की रक्षा की ज़िम्मेदारी ब्रिटिश सरकार संभालेगी ।

                           देश के प्रमुख दलों ने क्रिप्स के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया । युद्ध में भारतीयों की कोई सक्रिय भागीदारी न होने से अंग्रेज नाराज हो गए थे । मुस्लिम लीग ने क्रिप्स प्रस्तावों का इसलिए विरोध किया क्योंकि उनके लिए पाकिस्तान की मांग स्वीकार नहीं की गयी थी । उदरवादी क्रिप्स प्रस्ताव का इसलिए विरोध कर रहे थे क्योंकि उन्हे ऐसा लगता था कि इससे भारत की सुरक्षा और एकता को खतरा हो सकता है ।

                            इन विरोधों के चलते क्रिप्स प्रस्ताव को भारत से वापस लौटना पड़ा ।







क्रिप्स मिशन से संबन्धित प्रश्न - 


1- क्रिप्स प्रस्ताव भारत कब आया था ?

उत्तर - क्रिप्स प्रस्ताव 23 मार्च 1942 को भारत आया था ?


2- क्रिप्स प्रस्ताव वापस कब लौटा ?

उत्तर - 12 अप्रैल 1942 को क्रिप्स मिशन वापस लौट गया था । 








           ये थी क्रिप्स प्रस्ताव से संबन्धित जानकारी । अगर आपके पास भी इस तरह कोई जानकारी है तो यहा शेयर कर सकते हैं ।





  
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